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अब यह नया नारा

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नेताजी सुभाष का नारा था
” तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा”


अब कई नेता हैं और कई नारे,
तो अब ये नया नारा…


तुम मुझे वोट दो, मैं तुम्हें चोंट दूंगा
तुम मुझे नोट दो, मैं तुम्हें खोट दूंगा
तुम मुझे पानी दो, मैं तुम्हें प्यासा रखूंगा
तुम मुझे रोटी दो, मैं तुम्हें भूखा रखूंगा
तुम मुझे कपडा दो, मैं तुम्हें नंगा रखूंगा
तुम मुझे बंगला दो, मैं तुम्हें बेघर रखूंगा
तुम मुझे सोना दो, मैं तुम्हें सितम दूंगा
तुम मुझे चांदी दो, मैं तुम्हें बांदी रखूंगा
तुम मुझे हीरा दो, मैं तुम्हें पत्थर मारूँगा
वोटो की गिनती होने तक मैं हाथ बांध खड़ा रहूँगा,
तुम्हारे वोट आएं मेरी झोली में,
फिर मैं तुम्हें हाथ बांध खड़ा रखूंगा.
जादुई करिश्मो का देश है मेरा,
मैं जादूगर नेता हूँ,
ये करिश्मा जरुर करूंगा.

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Harish Bhatt के द्वारा
June 10, 2011

नारायणी जी नमस्ते… बहुत कम शब्दों में बड़ी बात कह दी आपने. शानदार कविता के लिए हार्दिक बधाई.

    narayani के द्वारा
    June 10, 2011

    नमस्कार हरीश जी जनता की जागृति ही बदलाव ला सकती है आपको रचना पसंद आई . धन्यवाद नारायणी .

Rajkamal Sharma के द्वारा
June 4, 2011

तुम मुझको चैन दो मैं तुमको बेचैनी दूँगा बहुत ही विरले भावो भरी अदभुत कविता है आपकी बधाई

    narayani के द्वारा
    June 4, 2011

    नमस्कार राज कमल जी नेताओ का जनता का एक और वादा मेरी जनता मुझे तुमसे आशा है पर में तुम्हे निराश करूँगा आपका प्रोत्साहन मिला ,आपको रचना पसंद आई . धन्यवाद नारायणी

संदीप कौशिक के द्वारा
June 3, 2011

नारायणी जी, हर आम-जन की पीड़ा को कविता के रूप में यथार्थ में बादल दिया है आपने | एक सरहनीय प्रयास !! :)

    संदीप कौशिक के द्वारा
    June 3, 2011

    कृप्या बादल को बदल पढ़ें ! धन्यवाद….

    narayani के द्वारा
    June 3, 2011

    नमस्कार संदीप जी आम आदमी की व्यथा समझ पाना नेताओ के लिए बहुत मुश्किल है .आपको रचना अच्छी लगी ,आपका बहुत धन्यवाद

RaJ के द्वारा
June 2, 2011

म्हारे वोट आएं मेरी झोली में, फिर मैं तुम्हें हाथ बांध खड़ा रखूंगा. जादुई करिश्मो का देश है मेरा, मैं जादूगर नेता हूँ, ये करिश्मा जरुर करूंगा………//////////////\\\\\\\\\\\\बहुत खूब नारायणी जी http://www.jrajeev.jagranjunction.com

    narayani के द्वारा
    June 3, 2011

    नमस्कार राज जी आम जनता की दयनीय दशा है नेताओ को सत्ता का नशा है आपने रचना को सराहा ,आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Tangie के द्वारा
    July 11, 2016

    So excited I found this article as it made things much qukeicr!

allrounder के द्वारा
June 2, 2011

बहुत खूब नारायणी जी , सच मुच आज के नेताओं ने नारों के मायने ही बदल दिए हैं और नेताओं का जनता के प्रति रवैया ऐसा ही हो गया है ! अच्छी कृति पर हार्दिक बधाई !

    narayani के द्वारा
    June 2, 2011

    नमस्कार allrounder जी, अब देश प्रेम नहीं, नेता को स्वयं से प्रेम रह गया है. आप को रचना पसंद आई, धन्यवाद, नारायणी


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