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आओ होली मनाये

Posted On: 7 Mar, 2012 Others में

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आओ होली मनाये

आई है होली रंग भरी, इस पर्व को मनाये

नाता है एक दूजे से, इसे न भूल जाये

बहुत बड़ी हे दुनिया, इसमे न खो जाये

रंग और उमंग में बसी, प्रीत को जान जाये

कितने भी दूर हो, लेकिन मेरी ऊँची हे सदाए

होली के रंग खेले संग, कभी न भूल पाए

प्रीत के इस पर्व पर, तुम हमे और हम तुम्हे बुलाये

माना दुनिया का सफर कठिन हे, आती आंधी और हवाए

पर जरुरी नही की हम, दुनिया में इसी रूप में दोबारा आये

प्रेम का लेन देन न कर सके, जीवन में यह सोच कर न पछताए

सुनहरी किरणे आतुर खड़ी स्वागत में, दूर कर दे काली घटाए

हम तो है उन्ही के वो भी है हमारे, सोच कर मुस्कुराये

छोटी सी है यह जिन्दगी, यु ही न चली जाये

आज मिलकर करे एक वादा, दे सभी को दुआए

पगडंडी लम्बी है पर इतनी संकरी नही की, उसमे दो नही समाये

प्रेम स्नेह की बरसात हो, सभी के जीवन में खुशिया छाए

आओ होली मनाये ,आओ होली मनाये

नारायणी



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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

चन्दन राय के द्वारा
May 6, 2012

Dear Narayni ji, A great poem on holi, congrates

    narayani के द्वारा
    May 7, 2012

    dhanyavad chandan ray ji

    Nibby के द्वारा
    July 12, 2016

    wow, skikkelig stilig er lampa nå etter du hekla ny lampeskjerm:) Du imponerer stadig:) Kjøkkenkroken er jammen koselig. Ser dere har radio i vinduskarmen, ingenting slår lørdags formiddag med avis, kaffe og Popquiz på radioen:)Flott dere friskna ti)loT:rsdagsklem fra Trine:)

Rajkamal Sharma के द्वारा
May 6, 2012

आदरणीय नारायणी जी ….. सादर अभिवादन ! होली के इन शुभ मस्ती भरे दिनों में इस मंच से गैरहाजिर चल रहा था इसीलिए आपसे आपकी इस पोस्ट पर भेंट नहीं हो पाई ….. न केवल आपसे बल्कि बाकि के सभी ब्लागर्स से भी ….. प्रेम गली अति संकरी जा में दो न समाये का आपने आधुनिक रूप अपने नाजिरिये से जिस तरह से परिभाषित किया है अच्छा लगा

shashibhushan1959 के द्वारा
March 8, 2012

आदरणीय नारायणी जी, सादर ! “उतर रही है किरण सुनहरी, अंधियारा मिट जाएगा ! कली हँसेगी, फूल खिलेंगे, नया सवेरा आयेगा !!!” इसी आशा और विश्वास के साथ ……….. होली की शुभकामनाएं !

    narayani के द्वारा
    May 6, 2012

    धन्यवाद शशि भूषण जी

    Janess के द्वारा
    July 11, 2016

    I am really enjoying the theme/design of your website. Do you ever run into any internet browser cobaptimility issues? A handful of my blog visitors have complained about my website not operating correctly in Explorer but looks great in Opera. Do you have any ideas to help fix this issue?|I am curious to find out what blog platform you happen to be working with? I’m having some small security issues with my latest blog and I’d like to find something more safe. Do you have any solutions?

dineshaastik के द्वारा
March 8, 2012

नारायणी जी नमस्कार सुन्दर रचना की बधाई के साथ साथ होली की शुभकामनायें… कृपया इसे भी पढ़े तथा समालोचनात्मक प्रतिक्रिया देकर अपने विचारों से अवगत करायें- http://dineshaastik.jagranjunction.com/2012/03/04/क्या सचमुच ईशवर है (कुछ सवाल)

    narayani के द्वारा
    May 6, 2012

    धन्यवाद दिनेश जी ,ईश्वर है ,में केवल ईश्वर में विश्वाश करती हूँ ,सभी में समाया है वो

    Jean के द्वारा
    July 11, 2016

    I have been so berwideled in the past but now it all makes sense!


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