narayani

Kuch anubhav... Kuch vichar...

40 Posts

13533 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 4337 postid : 137

कल

Posted On 24 Jun, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कल…कहा था तुमसे बार बार
जिद न करो,
तूफान का अंदेशा है
नाव किनारे रहने दो,

हवा का रुख ठीक नही
कल तक इंतजार करो.

तुम हठी हुए…
“नही नही कल का क्या,
मुझे तो आज पर भरोसा है
समय की कीमत जानो
जो गया , तो गया ….”

कश्ती छुटी किनारे से
थोडा ही सरक पाई,
हवा तेज हुई
थपेड़ा हवा का डगमगा रहा कश्ती,
ना किनारे ना पार…
बीच मझधार

अब क्यों अफ़सोस
तूफान थम ही जाता कल,
काश कश्ती न डाली होती …कल



Tags:   

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 4.33 out of 5)
Loading ... Loading ...

1385 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Lexine के द्वारा
July 11, 2016

Great arcetli, thank you again for writing.

narayani के द्वारा
July 14, 2012

नमस्कार अजय जी सही बात है .समय की गति से चलना उचित होता है,पर समय से पहले भागना कभी कभी परेशानी का कारण बन जाता है . |सुप्रसिद्ध लेखक मेल्त्जर ठीक ही कहते हैं – “कठिन कार्य कुछ और नही वह आसान कार्य ही हैं ,जिसे आप सही समय पर नही कर पातें” धन्यवाद नारायणी

    Priest के द्वारा
    July 11, 2016

    ok, so i had the same prob. but, my friend and i have come up with a system THAT ACTUALLY WORKS!! so we have a journal, and in it is the following on each or every other page:Day (insert day nuce)rbGoal:chemk box with the word Done!Check box with the words Not Done.Special Notes:In the Special Notes, I write every thing that involves me and my boyfriend Reese (not that he’ll admit we’re dating).You should try it. it works for me! Now i’m not as nervous to talk and be around him any more!:)And he talking with me openly now. So,GOOD LUCK!!!!

ajaykr के द्वारा
July 13, 2012

NARAYNI JI ,प्रणाम सफ़र में आज वही कश्तियाँ निकलती हैं जिन्हें खबर है हवाएं भी तेज़ चलती हैं-वसीम बरेलवी http://avchetnmn.jagranjunction.com/

nishamittal के द्वारा
July 10, 2012

बहुत दिन बाद आपकी रचना पढी ,अच्छे भाव

    narayanimaya के द्वारा
    July 14, 2012

    नमस्कार निशाजी रचना को सराहने के लिए आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Latasha के द्वारा
    July 11, 2016

    From your link, Grant: policymakers should be focusing on doing the things that we know from international evidence do the most to raise school standards: strengthening school leadership, improving the quality of teaching, giving schools autonomy while holding them robustly to account, and syaaemtticslly tackling inequalities between children from different class backgrounds.I couldn’t agree more.

    Philinda के द्वारा
    July 11, 2016

    You get a lot of respect from me for writing these helpful arecilts.

seemakanwal के द्वारा
July 6, 2012

नारायणी जी प्यारी रचना है ..इस काश की उलझन में इन्सान हमेशा गिरफ़्तार रहता है .काश ये कल न किया होता ,काश ये कल किया होता .

    narayani के द्वारा
    July 9, 2012

    नमस्कार सीमा जी रचना सराहने के लिए आपका बहुत धन्यवाद . नारायणी

Mohinder Kumar के द्वारा
June 27, 2012

नारायणी जी, सुन्दर भाव अभिव्यक्ति लिये रचना.. जीवन में यह दुविधा हमेशा रहेगी… आज या कल… पर हिस्से वही आयेगा जो इस भाग्य में लिखा है…नियती तो हो कर रहेगी. लिखती रहिये.

    narayani के द्वारा
    June 30, 2012

    नमस्कार मोहिंदर जी जी हा ,नियति का लिखा ही होता है पर हमे तो हम पर ही, हमारे फेसलो पर ही अफ़सोस होता रहता है. आपको रचना पसंद आई ,आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Kaylie के द्वारा
    July 11, 2016

    At last! Someone with the insight to solve the prmloeb!

    Theresa के द्वारा
    July 11, 2016

    came accross this post when looking for a cheaper option to prchasing microsoft office. My wife runs a small business and needs to get MS office but only really need excel and word for donemuctation purposes. I tried to open option 3 (microsoft skydrive) but it would not load the page, is this option no longer available? Thanks,Jeff

pritish1 के द्वारा
June 26, 2012

अति सुन्दर शब्द कल कहा था तुमसे बार बार…….. …….प्रीतीश

    narayani के द्वारा
    June 27, 2012

    नमस्कार प्रीतीश जी रचना पसंद करने के लिए आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Precious के द्वारा
    July 11, 2016

    Тамара! При выведении московской сторожевой исходными породами были кавказская овчарка и сенбернар.Эта порода исключительно нашего ÑÃА°Ð·Ð²ÐµÐ´ÐµÃýия,заним°Ð»€Â¸Ã‘ÑŒ этим в “Красной Звезде”. Порода отличная!

alkargupta1 के द्वारा
June 26, 2012

नारायणी जी , बहुत बढ़िया लगी आपकी यह कविता कविता बहुत अच्छा सन्देश दिया है

    narayani के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार अलका जी जी, कभी कभी जल्दबाजी के निर्णय बहुत गहरी शिक्षा दे देते है . आपको रचना पसंद आई ,आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Honney के द्वारा
    July 11, 2016

    This made me cry. You have really inspired me. I am really bad about trying so hard not to make others feel unrobfoctamle about my food choices that sometime I forget to help them understand how I feel and why I feel that way! I will be better! Thank you!!!

yogi sarswat के द्वारा
June 26, 2012

बीच मझधार अब क्यों अफ़सोस तूफान थम ही जाता कल, काश कश्ती न डाली होती …कल बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति और खूबसूरत अल्फाज़ ! बधाई

    narayani के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार योगी जी रचना सराहने के लिए आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Jailene के द्वारा
    July 11, 2016

    An ineliltgent answer – no BS – which makes a pleasant change

dineshaastik के द्वारा
June 26, 2012

नारायणी जी बहुत ही सुन्दर संदेश  देती हुई रचना की प्रस्तुति के  लिये हार्दिक  बधाई……..

    narayani के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार दिनेश जी आपको रचना पसंद आई .आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

allrounder के द्वारा
June 25, 2012

नमस्कार नारायणी जी, बहुत ही अच्छी रचना आपकी !

    narayani के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार सचिन जी बहुत धन्यवाद नारायणी

    narayani के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार अजय जी साप्ताहिक ,१०१ लिंक की जानकारी देने के लिए आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

Chandan rai के द्वारा
June 24, 2012

नारायणी जी , आपकी कविता पढ़ इक इंसान के अंदेशो से डोलते विश्वाश की झलक मिलती है , पर कोई आगे का हाल नहीं जानता , इसलिय अच्छा है आगे बढ़ते रहना ! सुन्दर सोच से औत प्रोत रचना !

    narayani के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार चंदन राय जी रचना पसंद करने के लिए आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Satch के द्वारा
    July 11, 2016

    hahahahahahaahahahah,vocês respondem todas as perguntas comprometedoras com as mesmas respostas!!!é por isso que tá cheio de empresas estrangeiras de olho no br088l&#823a;&#i230;&#s230;aqui nada funciona como deveria, terra de ninguém!!

vandana gupta के द्वारा
June 24, 2012

उम्दा प्रस्तुति।

    narayani के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार वन्दना जी रचना सराहने के लिए आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Lavon के द्वारा
    July 11, 2016

    I thought about something last night. Now say Zimmerman was a women who did exactly the same thing that night Zimmerman did. Would TM suetprpors still feel the same way they do now. Do you think they would change their tune because it was a women.

    Bayle के द्वारा
    July 11, 2016

    CRAP! Liquid Nitrogen is -320 F!!! Freezes anything instantantly, this would be funny in a Darwin kinda way if it weren’t soo SAD! Can you get enough nourishment to live without a stMmoch?oarnin’ Gang

vikramjitsingh के द्वारा
June 24, 2012

आदरणीय नारायणी जी…..सादर… ‘कल’ का नाम ‘काल’ है…. बढ़िया कविता……

    narayani के द्वारा
    June 26, 2012

    नमस्कार विक्रम जी रचना पसंद करने के लिए आपका बहुत धन्यवाद नारायणी

    Zarya के द्वारा
    July 11, 2016

    That’s a smart answer to a tricky quoetisn


topic of the week



latest from jagran